0 to 1 Lakh: स्केलिंग - एक अकेले ब्लॉगर से 'मीडिया बिजनेस' के मालिक तक का सफर (भाग 5)
0 to 1 Lakh: स्केलिंग - एक अकेले ब्लॉगर से 'मीडिया बिजनेस' के मालिक तक का सफर (भाग 5) भाग 5: स्केलिंग (Scaling) - एक अकेले ब्लॉगर से 'मीडिया बिजनेस' के मालिक तक का सफर 🏰📈 प्रस्तावना: 'फाउंडर्स ट्रैप' (Founder's Trap) से बाहर निकलें 🌟 ज्यादातर डिजिटल उद्यमी एक खास मुकाम पर पहुँचकर रुक जाते हैं। क्यों? क्योंकि वे 'फाउंडर्स ट्रैप' में फंस जाते हैं। वे खुद ही कंटेंट लिखते हैं, खुद ही SEO करते हैं, खुद ही इमेज डिजाइन करते हैं और खुद ही सोशल मीडिया संभालते हैं। याद रखें: आपके पास दिन में केवल 24 घंटे हैं। यदि आपकी आय केवल आपकी व्यक्तिगत मेहनत पर निर्भर है, तो आपकी कमाई की एक सीमा (Ceiling) होगी। स्केलिंग (Scaling) का अर्थ है—अपने बिजनेस को इस तरह से सेट करना कि यदि आप एक महीने की छुट्टी पर भी चले जाएं, तो भी आपका रेवेन्यू बढ़ता रहे। चलिए, इस 'आजादी' के ब्लूप्रिंट को समझते हैं। 1. अकेले बनाम मीडिया हाउस: मानसिकता का बदलाव (Mindset Shift) 🧠 एक 'Media Business' और एक 'Personal Blog' के बीच का अंतर समझना बहुत जरूरी है। नीचे द...